चरवाही

श्रृंखला 4

आत्मा और जीवन

पाठ बारह – पवित्रीकरण

1 कुर- 6:11-और तुम में से कुछ ऐसे ही थे, परन्तु तुम अब प्रभु यीशु मसीह के नाम में और हमारे परमेश्वर के आत्मा के द्वारा धोए गए, पवित्र किए गए और धर्मी ठहराए गए।

स्थान सबंधित पवित्रीकरण

परमेश्वर के उद्धार के

न्यायिक पहलू से संबंधित है

सबसे पहले, हमें स्थान सबंधित पवित्रीकरण और स्वभाव संबंधित पवित्रीकरण के बीच के अंतर को जानना चाहिए। पहला परमेश्वर के उद्धार के न्यायिक पहलू से संबंधित है, जबकि दूसरा वाला परमेश्वर के उद्धार के जैविक पहलू से संबंधित है।

बचाये जाने से पहले हम, पूरी तरह से संसार में थे। हमारे बचाये जाने और नया जन्म पाने के बाद, प्रभु ने हमें पवित्र बनाने के लिए पूर्ण रूप से अलग किया। यह विश्वासियों के संसार से अलग होने के लिए और परमेश्वर के प्रति पवित्र बनने के लिए स्थान संबंधित पवित्रीकरण है (1 कुर- 1:2; रो- 1:7)।

स्वभाव संबंधित पवित्रीकरण का

परमेश्वर के स्वभाव में

विश्वासियों का भाग लेने के लिए होना

हालांकि, अलग होना और परमेश्वर के प्रति स्थान संबंधित पवित्र होना पर्याप्त नहीं है। हमारे स्थान संबंधित पवित्र होने और परमेश्वर से मेल मिलाप करने के बाद, जब हम जीवन में पीछा करना शुरू करते हैं, हम अपने भीतर कुछ महसूस करेंगे जो हमारा स्वभाव नहीं परन्तु परमेश्वर का स्वभाव है। हमारे भीतर यह स्वभाव हमारे स्वभाविक स्वभाव से, हमारे अनूठे स्वभाव से, और हमारी मनोदशा से पूरी तरह से निपटता है ताकि दिव्य स्वभाव हमारा स्वभाव बने। यह विश्वासियों को स्वभाव संबंधी पवित्र करना है ताकि वे परमेश्वर के पवित्र स्वभाव में भाग ले सकें और परमेश्वर के इस गुण के साथ एक हो (15:16)। इस प्रकार का पवित्रीकरण परमेश्वर के जीवन के तत्व को सामग्री के रूप में उपयोग करता है और यह विश्वासियों में जीवन की आत्मा के द्वारा पवित्रीकरण कार्य के माध्यम से पूरा किया जाता है (8:2)।

भाईयों और बहनों, क्या हम अपने आप को बाहरी नियमों से नियमित करते हैं? क्या हम परमेश्वर के पवित्र स्वभाव के अनुसार या बाहरी नियमों के अनुसार जीते और चलते हैं? आज हमें इन बाहरी नियमों की आवश्यकता नहीं है; हमें केवल परमेश्वर के पवित्र स्वभाव की जरूरत है, जो हमें पवित्र बनाने में सक्षम हैं। उदाहरण के लिए, महिलाओं के परिधान के विषय में, बाइबल हमें केवल एक शब्द बताती है कि महिलाओं को उचित वस्त्रें से खुद को संवारना चाहिए (1 तीम- 2:9)। लेकिन किस प्रकार के वस्त्र उचित समझे जाते हैं? आपके भीतर दिव्य स्वभाव आपको बताएगा। यह स्वभाव संबधी पवित्रीकरण है_ यह जैविक कार्य है जो मसीह आत्मा के रूप में हम में पूरा कर रहा है। यह कुछ न्यायिक नहीं है_ यह पूरी तरह से जैविक है। पवित्रीकरण के इस पहलू का तात्पर्य विश्वासियों को चुनने में (इफ- 1:4) परमेश्वर के उद्देश्य की पूर्णता के लिए रूपांतरण है (रो- 6:19, 22)। आखिरकार, परमेश्वर के पूर्ण उद्धार के न्यायिक पहलू में स्थान संबंधित पवित्रीकरण और जैविक पहलू में स्वभाव संबंधित पवित्रीकरण दोनों अंत में पवित्र नगर बनने के लिए नए यरूशेलम में प्रकट होंगे (प्रक- 21:2, 10, 22:19)।

HOLY FATHER, WE ADORE THEE

Worship Of The Father- His Holiness

22

1. Holy Father, we adore Thee,
Rev’rent song to Thee we raise;
Thou art holy, Thou art lofty,
“Holy is Thy Name,” we praise.

2. Loving is Thy heart, dear Father,
Righteous ever are Thy ways;
But how holy is Thy nature,
Yet, to us, Christ it conveys.

3. Thou hast ever sanctified us
With the blood of Christ our Lord;
Thou hast separated sinners
Thru the truth which is Thy Word.

4. Thou hast, by Thy Holy Spirit,
Made us holy unto Thee;
And our spirit, soul, and body
Wholly sanctified will be.

5. Oh! The holy life of Jesus
Thru Thy grace we now possess;
Thou wilt make us e’en partakers
Of Thy very holiness.

6. When within that holy city,
Thy full holiness we’ll share,
To the uttermost forever,
“Thou art holy,” we’ll declare.