चरवाही

श्रृंखला 1

उच्च सुसमाचार

पाठ तीन – कलीसिया जीवन एक वास्तविक सामुदायिक जीवन है

यूहन्ना 13:34-35-मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूँ कि तुम एक दूसरे से प्रेम रखो। जैसा मैंने तुम से प्रेम रखा है, वैसे ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो। यदि तुम आपस में प्रेम रखोगे, तो इसी से सब जानेंगे कि तुम मेरे चेले हो।

सामुदायिक जीवन के लिए

परमेश्वर-रचित इच्छा

लोग किसी प्रकार के सामुदायिक जीवन की इच्छा रखते हैं। यह इच्छा हमारे स्वाभाविक बनावट से बाहर आती है। हमारे स्वाभाविक बनावट में, हमारे स्वाभाविक जीवन में, इस प्रकार का समुदाय रखने की इच्छा है जहां हम दूसरों के साथ एक-साथ रह सकें।

उत्पत्ति 1:26 में परमेश्वर ने पहले कहा, हम मनुष्य को बनायें, और फिर उसने कहा कि वे अधिकार रखें। मनुष्य एकवचन है, लेकिन वे, मनुष्य के लिए सर्वनाम, बहुवचन है। परमेश्वर ने एक मनुष्य को रचा या कई मनुष्यों को रचा? परमेश्वर ने एकवचन संज्ञा मनुष्य और बहुवचन सर्वनाम वे का उपयोग क्यों किया? उसने एक मनुष्य को रचा या कई मनुष्यों को रचा? इसका जबाव हैः परमेश्वर ने एक मनुष्य में कई मनुष्यों को रचा। या आप कह सकते हैं कि परमेश्वर ने एक मनुष्य को कई मनुष्यों के साथ रचा। इसका मतलब सिर्फ यह है कि परमेश्वर के इरादा में, मनुष्य सामूहिक है। परमेश्वर ने एक आदम, फिर अब्राहम, फिर दाऊद इत्यादि नहीं रचे। परमेश्वर ने एक सामूहिक मनुष्य रचा-सभी मनुष्यों के साथ एक मनुष्य। परमेश्वर के इरादे में, उसने जो किया वह एक सामूहिक चीज थी। इसलिए हम सभी को महसूस करना होगा कि सामुदायिक जीवन रखने की इच्छा कुछ वह है जो परमेश्वर द्वारा मानवीय स्वभाव में रची गयी थी।

कलीसिया जीवन

वास्तविक सामुदायिक जीवन होना

मसीह में हम सभी के पास समान जीवन है, और इस सामान्य जीवन के साथ हमारे पास एक सामान्य  स्वभाव और एक सामान्य इच्छा है। हमारे बचाये जाने के बाद, तुरंत ही हमारे भीतर संगति के लिए कुछ वास्तविक मसीहियों से संपर्क करने की इच्छा होती है। यह एक समुदाय, सामुदायिक जीवन के लिए इच्छा है। कलीसिया जीवन वास्तविक सामुदायिक जीवन है।

एक दूसरे से प्रेम करने के लिए

हमारे सामान्य तत्व, जीवन, और

व्यक्ति के रूप में मसीह

हमें यह जानना होगा कि अगर विशेष चालचलन रखना चाहते हैं, तो हमें एक विशेष जीवन की आवश्यकता है। परमेश्वर ने मुनष्य को एक जीवन के साथ रचा जो समुदाय में होने की इच्छा रखता है, लेकिन वह जीवन खराब और जहरीला हो गया।—इस प्रकार, एक तरफ, क्योंकि हमारे पास परमेश्वर-रचित स्वभाव है, हमारे पास दूसरों के साथ रहने की इच्छा है_ दूसरी तरफ, क्योंकि हमारा मानवीय जीवन शैतान के द्वारा नष्ट और खराब हो गया, हमारे पतित स्वभाव में हमारे पास सामुदायिक जीवन जीने के लिए उचित जीवन नहीं है।

लेकिन अब हमारे पास मसीह है। मसीह अद्भुत है। हमारे सामुदायिक जीवन में एक दूसरे के लिए प्रेम के साथ एक होने के लिए वह हमारे लिए सामान्य कारक, सामान्य तत्व है (रो- 12:10)। मैं सभी भाईयों के नाम नहीं जानता, लेकिन मैं अभी भी उन्हें बहुत प्यार करता हूँ सिर्फ इसलिए कि वे प्रभु में भाई हैं। सभी भाईयों के बीच सामान्य तत्व हैं, और वह तत्व मसीह है। मसीह वह तत्व है जो हमारे लिए एक दूसरे से प्रेम करने का कारण बनता है। इसके अलावा, हमारे भीतर मसीह एक दूसरे से प्रेम करने की क्षमता के साथ जीवन भी है।

कलीसिया-मसीह की देह के रूप में

1226

  • कलीसिया महिमामय और
    हम सब इसके भाग हैं
    खुश हैं प्रभु ने बनाया हमें एक
    इस संसार में एक देह है और
    हम सब इसके अंग हैं
    हाल्लेलूईयाह प्रभु ने बनाया एक
    हाल्लेलूईयाह देह के लिए
    हम हैं इस देह के अंग
    हम स  म्पूर्ण देह के लिए
    हाल्लेलूईयाह प्रभु ने बनाया एक।
  • न कि अकेला मसीह पर संगठित अस्तित्व
    खुदा का होगा पूर्ण प्रदर्शन अभी
    न कि अकेली कलीसिया पर
    एक देह संगठित
    हाल्लेलूईयाह हम लोग देह में हैं अभी।
    हाल्लेलूईयाह देह के लिए
    शैतान काँपता है देह से
    देह में हम विजयी हैं
    हाल्लेलूईयाह हम लोग देह में हैं अभी।
  • सात सोने की दीवटें
    उनका स्वभाव है दिव्य
    देह के जीवन में स्वभाविक कुछ नहीं
    जब, बांटते दिव्य स्वभाव में
    दीवट और चमकती हैं
    हाल्लेलूईयाह तीव्रता से चमकता है।
    हाल्लेलूईया देह के लिए
    देह के दीवट के लिए
    चमकती देह के लिए
    हाल्लेलूईयाह तीव्रता से चमकता है।