चरवाही

श्रृंखला 6

कलीसिया जीवन

पाठ एक – एक महान रहस्य- मसीह और कलीसिया

इफ- 5:32-यह भेद तो बड़ा है पर मैं यहां मसीह और कलीसिया के विषय में कहता हूँ।

एक महान रहस्य-

मसीह और कलीसिया

कुलुस्सियों 2:2 में पौलुस परमेश्वर के रहस्य के बारे में बोलता है, जो मसीह है, और इफिसियों 3:4 में, मसीह के रहस्य के बारे में, जो कलीसिया है। इफिसियों 5:32 में पौलुस कहता है, यह भेद तो बड़ा है पर मैं यहां मसीह और कलीसिया के विषय में कहता हूँ। यह तथ्य कि मसीह और कलीसिया एक आत्मा हैं (1 कुर- 6:17), जो पति और पत्नी के एक देह होने के द्वारा सूचित किया गया है, एक महान रहस्य है। यह निश्चय ही एक महान रहस्य है कि कलीसिया मसीह की अर्द्धांगिनी के रूप में मसीह से बाहर निकलती है, मसीह की तरह समान जीवन और स्वभाव है, और मसीह के साथ एक है।

परमेश्वर का रहस्य-मसीह

नये नियम में दर्शाये गये परमेश्वर के गृह प्रबंध में मुख्यतः दो रहस्य हैं। पहला रहस्य, कुलुस्सियों की पुस्तक में दर्शाया गया है, जो परमेश्वर के रहस्य के रूप में मसीह है। कुलुस्सियों 2:2 में पौलुस ‘‘परमेश्वर के रहस्य, मसीह का पूर्ण ज्ञान के बारे में बात करता है। मसीह परमेश्वर का रहस्य है। अपने आप में परमेश्वर एक रहस्य है। वह वास्तविक, जीवित, और सर्वशक्तिमान है; हालांकि वह अदृश्य है। क्योंकि किसी ने कभी भी परमेश्वर को नहीं देखा है, वह एक रहस्य है। यह रहस्यमय परमेश्वर मसीह में देहधारित हुआ। इसलिए, मसीह परमेश्वर का रहस्य है। मसीह न केवल परमेश्वर है बल्कि वह परमेश्वर का देहरूप, परमेश्वर परिभाषित, परमेश्वर की व्याख्या और परमेश्वर की अभिव्यक्ति है। इसलिए, मसीह ने परमेश्वर को दृश्यमान बनाया। प्रभु यीशु ने कहा, जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है (यूहन्ना 14:9)। परमेश्वर के गृह प्रबंध में पहला रहस्य मसीह है, अर्थात् परमेश्वर के रहस्य के रूप में, परमेश्वर की अभिव्यक्ति।

मसीह का रहस्य-

कलीसिया

दूसरा रहस्य, जो इफिसियों की पुस्तक में दर्शाया गया है और इसमें इसका वर्णन किया गया है विशेषकर अध्याय 3 में, मसीह का रहस्य है। मसीह भी एक रहस्य है। इफिसियों 3:4 में पौलुस मसीह का रहस्य याक्यांश का उपयोग करता है। इसके अतिरिक्त, कुलुस्सियों 1:27 कहता है, जिन पर परमेश्वर ने प्रकट करना चाहा कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है, और वह यह है कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। विश्वासियों के रूप में, हमारे भीतर मसीह निवास करता है। लेकिन यह मसीह जो हमारे पास है यह एक रहस्य है। यद्यपि मसीह हमारे भीतर रहता है, सांसारिक लोग यह एहसास नहीं करते हैं कि वह हमारे भीतर है। उनके लिए, यह एक रहस्य है। लेकिन यद्यपि मसीह रहस्यमय है, कलीसिया मसीह का प्रकटीकरण है। मसीह की देह के रूप में, कलीसिया मसीह की अभिव्यक्ति है। जब हम कलीसिया को देखते हैं, तो हम मसीह को देखते हैं। जब हम कलीसिया में आते हैं, तो हम मसीह में आते हैं। जब हम कलीसिया से संपर्क करते हैं, तो हम मसीह से संपर्क करते हैं। कलीसिया वास्तव में मसीह का रहस्य है।

आदम और हव्वा-

मसीह और कलीसिया का

एक संपूर्ण चित्र

बाइबल में पहली जोड़ी, आदम और हव्वा मसीह और कलीसिया का एक महत्वपूर्ण और संपूर्ण चित्र प्रस्तुत करते हैं। उत्पत्ति की पुस्तक के अनुसार, परमेश्वर ने एक ही समय में और एक ही तरह पुरूष और स्त्री को नहीं बनाया। सबसे पहले, परमेश्वर ने जमीन की मिट्टी से पुरूष की देह को बनाया। तब उसने उसके नथनों में जीवन का सांस फूंक दिया; और आदम जीवित प्राणी बन गया (उत- 2:7)। पुरूष को बनाने के बाद, उसने कहा, ‘‘मनुष्य का अकेला रहना अच्छा नहीं है; मैं उसके लिए एक सहायक बनाऊँगा जो उस से मेल खाए (आ-18)। जानवरों और पक्षियों को आदम के पास लाया गया, और आदम ने उन्हें नाम दिया, लेकिन आदम के लिए, उनसे मेल खाने के लिए कोई नहीं मिला (आ- 20)। आदम के भीतर एक अंर्द्धांगिनी रखने की इच्छा थी, जो उससे मेल खाए। मवेशी, पशु, और पक्षियों में, कोई भी आदम के लिए अर्द्धांगिनी नहीं थे। इस तरह की अर्द्धांगिनी उत्पन्न करने के लिए, प्रभु परमेश्वर ने आदम को भारी नींद में डाल दिया (आ- 21)। जब आदम सो गया, तब प्रभु ने आदम की एक पसली ली और एक स्त्री के निर्माण के लिए इसका इस्तेमाल किया (आ- 22)। जीवन, स्वभाव, और आकार में स्त्री पुरूष के समान थी। इसलिए, जब परमेश्वर स्त्री को आदम के पास लाया, आदम ने कहा,अब यह मेरी हड्डियों में की हड्डी और मेरे मांस का मांस है (आ-23)। आदम जान गया था कि आखिरकार उसके पास उसकी अर्द्धांगिनी है।

उत्पत्ति 2:24 संकेत करता है कि पुरूष और उसकी पत्नी एक तन हैं। हमें पति और पत्नी को दो अलग-अलग व्यक्तियों के रूप में नहीं, बल्कि एक पूर्ण व्यक्ति के रूप में, एक पूर्ण इकाई के दो हिस्सों के रूप में मानना चाहिए। एक पति और पत्नी, एक पूर्ण इकाई के रूप में, मसीह और कलीसिया के एक अस्तित्व होने की अद्भुत तस्वीर हैं।

कलीसिया की नींव-

मसीह का प्रकाशन

मत्ती 16 में प्रभु यीशु अपने चेलों को कैसरिया फिलिप्पी जिले में लाये और वहां उनसे पूछा, मनुष्य का पुत्र कौन है, लोग क्या कहते हैं? (मत्ती- 16:13)। उनकी प्रतिक्रिया के बाद, प्रभु ने पूछा, पर तुम क्या कहते हो, मैं कौन हूँ?’’ (आ-15) पिता से प्रकाशन प्राप्त करते हुए, शमौन पतरस ने उत्तर दिया और कहा, तू जीवित परमेश्वर का पुत्र, मसीह है (आ-16)।

इफिसियों 5:32 के अनुसार, दो भागों का एक महान रहस्य है, मसीह और कलीसिया। क्योंकि मसीह के विषय में पिता का प्रकाशन इस रहस्य का केवल पहला आधा है, प्रभु ने कलीसिया के विषय में बात कीः मैं तुझसे यह भी कहता हूँ कि तू पतरस है और इसी चट्टान पर मैं अपनी कलीसिया बनाऊगा (मत्ती 16:18)। यह दृढ़ता से इंगित करता है कि कलीसिया मसीह से और मसीह के लिए कुछ होना चाहिए। सबसे पहले, मसीह पहचाना गया, ज्ञात हुआ, और यहां तक कि अपनाया भी गया था। तब प्रभु ने कहा इसी चट्टान पर वह अपनी कलीसिया बनाएगा। यह चट्टान न केवल मसीह को, बल्कि मसीह के प्रकाशन को भी दर्शाती है। इसलिए, चट्टान यहा पर केवल स्वयं मसीह नहीं है; यह अनुभूति, ज्ञान, अनुभव, और मसीह को प्राप्त करना है।

दिव्य प्रकाशन की

पूर्णता- मसीह और कलीसिया

नये नियम में प्रेरितों ने, विशेष रूप से पौलुस ने, हमें परमेश्वर के गृह प्रबंध का एक पूरा प्रकाशन देने के लिए, परमेश्वर के रहस्य में, जो मसीह है, और मसीह के रहस्य में, जो कलीसिया है, परमेश्वर के वचन को पूरा किया।

पौलुस ने परमेश्वर के रहस्य के रूप में मसीह का प्रकाशन प्राप्त किया। कुलुस्सियों 2:2 में वह ‘‘परमेश्वर के रहस्य मसीह का पूर्ण ज्ञान के बारे में कहता है। इफिसियों 3:4 में पौलुस मसीह के रहस्य के बारे में बात करता है। कुलुस्सियों 2:2 में परमेश्वर का रहस्य मसीह है, जबकि इफिसियों 3:4 में मसीह का रहस्य कलीसिया है। पौलुस को परमेश्वर के गृह प्रबंध के संबंध में भी प्रकाशन दिया गया था (2 कुर- 13:14; इफ-3:14-19)। इसलिए, परमेश्वर के वचन की पूर्णता में, मसीह और कलीसिया का महान रहस्य (इफ-5:32), मसीह अर्थात् सिर से संबधित पूरा प्रकाशन, (कुल-1:26-27; 2:19; 3:11), और कलीसिया अर्थात देह के संबंध में पूर्ण प्रकाशन शामिल है।

 

कलीसिया- एक नये मनुष्य के रूप में

1232

1 पहले स्वभाव से हम पाप में मरे थे
पूरी कलह की दुनिया में
पर मसीह ने हम को जिलाया
उठाकर अपने साथ बिठाया

यीशु ही साथ ला रहा है
आओ, देखो संतों को एक साथ
उसका प्रेम हमें बुन रहा है
प्रभु के पूरे डील डौल तक

2 संतों साथ हम अनुभव करें
परमेश्वर का विशाल परिमाण
मसीह के प्रेम परे को जाने
कि हम उसकी परिपूर्णता से भर जाएं

3 जानते हम अब परमेश्वर का उद्देश्य
रहस्य अब प्रकट हो गया
मसीह, कलीसिया को साथ हम देखते
एक साथ शत्रु को हम लज्जित करेंगे

4 इस कारण से हम प्रार्थना करें
भीतरी मनुष्य को बल दे पिता
हमारे हृदयों में घर बना
कि हम प्रेम में जड़ और नींव डाले

5 देह में साथ मिलकर हम गठेंगे
पूर्ति करता अंगों को मसीह
भागों के परिमाण की मदद से
प्रेम में बढ़कर उन्नति करता है देह

6 उसके उद्देश्य को पूरा करने अब
नया मनुष्य में हम एक हैं
कलीसिया में हो उसकी महिमा
और यीशु मसीह में सदा-आमीन